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Wednesday, August 26, 2020

‘2 सितंबर को मस्जिदें नहीं खुली तो सड़क पर पढ़ेंगे नमाज’ – सांसद इम्तियाज जलील ने महाराष्ट्र सरकार को दी चुनौती

इम्तियाज जलील सड़क नमाज

--- ‘2 सितंबर को मस्जिदें नहीं खुली तो सड़क पर पढ़ेंगे नमाज’ – सांसद इम्तियाज जलील ने महाराष्ट्र सरकार को दी चुनौती लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

एआईएमआईएम के सांसद ने महाराष्ट्र सरकार को खुलेआम धमकी दी है। सांसद इम्तियाज़ ज़लील ने महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी 2 सितंबर को मस्जिदें खोल दी जाएँ। वह इसके लिए सार्वजनिक रूप से आह्वान करेंगे। लेकिन महाराष्ट्र सरकार अगर इस दिन मस्जिदें नहीं खोलती है तो वह सड़क पर नमाज़ पढ़ने बैठ जाएँगे।   

एक समाचार चैनल से बात करते हुए एआईएमआईएम सांसद ने चेतावनी भरा बयान दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा:

“हम आखिर कब तक इंतज़ार करेंगे? यह लोकशाही है, सरकार के निरर्थक फैसलों को जनता भी कब तक बर्दाश्त करेगी। तो हमने यह फैसला किया है कि एक तारीख़ (सितंबर) को महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन किया जाता है। हिंदुओं के लिए बड़ा दिन होता है। मैं उन तमाम हिंदुओं से अनुरोध करना चाहता हूँ कि वह तमाम मंदिर और पूजा स्थल खुलवाने में लग जाएँ। फिर हम दो तारीख़ (सितंबर) को राज्य में स्थित तमाम मस्जिदों को खुलवाने का आह्वान करेंगे। सरकार अगर इजाज़त दे तो ठीक नहीं तो हम सड़क पर नमाज़ पढ़ेंगे।” 

अपने बयानों के चलते अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले एआईएमआईएम सांसद ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों को बंद रखने के फैसले का कोई तर्क नहीं है। इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर सरकार 2 सितंबर को मस्जिदें बंद रखती है तो वो खुद औरंगाबाद की शाहगंज स्थित मस्जिद में नमाज़ पढ़ने जाएँगे। इसके बाद इम्तियाज़ ज़लील ने हिंदुओं से भी अनुरोध किया कि 1 सितंबर यानी गणेश विसर्जन को वह मंदिर खुलवाने का आह्वान करें।  

नेताओं के ऐसे ही बयानों के कारण आम जनता कैसे भड़क सकती है, इसका उदाहरण उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी में देखने को मिला। वहाँ मंगलवार (अगस्त 25, 2020) के दिन अचानक से माहौल बिगड़ गया था। दरअसल, हुआ यूँ कि एक युवक बिना अनुमति लिए ताजिया लेकर जा रहा था, जिसके बाद पुलिस उसे पकड़ कर थाने ले गई। जैसे ही मुस्लिम समाज के लोगों को यह पता चला कि ताजिया ले जाने वाले युवक को पुलिस ले गई है, सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।

मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। प्रदर्शन उतना उग्र हो गया कि बाराबंकी पुलिस को भी इसे संभालने में मशक्कत करनी पड़ी। मुस्लिम समाज के लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। अफवाह फैलने लगी और प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती चली गई। बाराबंकी, गोण्डा, बहराइच और श्रावस्ती को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण बुद्धा मार्ग को मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने जाम कर दिया, जिससे आवागमन ठप्प हो गया था।

AIMIM सांसद इम्तियाज़ ज़लील के बयान से हैरानी नहीं है। यह पहला ऐसा मौक़ा नहीं है, जब एआईएमआईएम के नेताओं ने इस तरह के विवादित, सांप्रदायिक और अमर्यादित बयान दिए हों। महाराष्ट्र के मालेगाँव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के विधायक मो इस्माइल ने सरेआम शांति भंग करने के लिए भड़काऊ बयान दिया था। एक वायरल वीडियो में विधायक मुफ्ती मोहम्मद इस्माइल को कहते देखा जा सकता है कि अगर वो अमन-ओ-अमान बाकी रखना जानते हैं तो यह भी जानते हैं कि ये कैसे जाएगा। अपने इस जहरीले बयान देने के बाद उन्होंने इस पर सफाई भी दी और बताया कि उन्होंने ये बातें अपने शहर के संदर्भ में कहीं थीं। महाराष्ट्र या भारत के संदर्भ में नहीं। मतलब! मतलब शहर महाराष्ट्र या भारत से बाहर है? बताया नहीं उन्होंने।

वायरल विडियो में इस्माइल को कहते सुना जा सकता है, “मेरा सवाल है डिपार्टमेंट से, अगर शहर में गोली चलती है और किसी को गोली लगती है, तो कोई केस क्यों दर्ज नहीं किया गया? FIR क्यों दर्ज नहीं की गई? क्या शहर के लोग बेवकूफ हैं? शहर के लोगों को पता नहीं चलता कि गोली चलती है और एफआईआर दर्ज नहीं होती? साहब हम भी समझते हैं कि क्या हालात हैं… अगर इस तरह होता रहा तो शहर की अवाम खामोश नहीं बैठेगी।” आगे AIMIM नेता बोलते है, “…अगर बात हम पर आएगी तो हम अमन-ओ-अमान रखना जानते हैं, तो ये कैसे जाएगा, ये भी हमें पता है। हमने कोई चूड़ियाँ नहीं पहनी हैं, हमारी शराफत है कि हम आज तक खामोश हैं और शहर के अंदर गुंडागर्दी चल रही है।”

इसके पहले भी एआईएमआईएम के कुछ लोगों द्वारा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने का मामला सामने आया था। बता दें कि एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी है। मामला झारखण्ड के सरायकेला का था। यहाँ ओवैसी की पार्टी के नेताओं ने महिलाओं के साथ गाली-गलौज किया और फिर रेप करने की धमकी तक की। एआईएमआईएम के नेताओं ने लूटमार की भी कोशिश की।

बता दें कि सरायकेला में ही तबरेज अंसारी नामक व्यक्ति की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। गाँव की 34 महिलाओं ने थाने में आवेदन देकर शिकायत की है कि ओवैसी की पार्टी के लोगों ने उनके साथ गुंडागर्दी की। यह घटना सोमवार (जून 24, 2019) की थी। चारपहिया वाहनों से पहुँचे आरोपितों ने महिलाओं से लूटपाट की, रेप और बम से उड़ा देने की धमकी भी दी।   



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