‘अगले 108 घंटे भारी, 15 अप्रैल तक 50 हजार मौतें; 19 अप्रैल तक लॉकडाउन’: कोरोना के नाम पर वायरल किए जा रहे 9 दावों का फैक्टचेक - News Times Indians

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Friday, April 9, 2021

‘अगले 108 घंटे भारी, 15 अप्रैल तक 50 हजार मौतें; 19 अप्रैल तक लॉकडाउन’: कोरोना के नाम पर वायरल किए जा रहे 9 दावों का फैक्टचेक

प्रतीकात्मक चित्र

--- ‘अगले 108 घंटे भारी, 15 अप्रैल तक 50 हजार मौतें; 19 अप्रैल तक लॉकडाउन’: कोरोना के नाम पर वायरल किए जा रहे 9 दावों का फैक्टचेक लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के अफवाहों का कारोबार भी चरम पर है। सोशल मीडिया से लेकर मीडिया तक में कोरोना के नाम पर झूठी बातें फैला कर लोगों के बीच दहशत फैलाने की कोशिश हो रही। बीते कुछ दिनों में पुराने वीडियो शेयर करने से लेकर वैक्सीन और अस्पताल तक पर लोगों को गुमराह करने की कोशिशें हुई है।

हाल में पीआईबी के फैक्ट चेक ने एक ऐसी ही एक खबर को फर्जी बताते हुए भ्रामक वीडियो या फॉरवर्ड शेयर करने से बचने की अपील की। इस वीडियो में ब्रेकिंग न्यूज के नाम पर हवाला दिया जा रहा था कि WHO ने कहा कि भारत के लिए आने वाले 72 से 108 घंटे बहुत ज्यादा भारी हैं। इस बीच में 50 हजार लोगों की मौत हो सकती है। इस दावे के हर जगह वायरल होने के बाद WHO को इस पर संज्ञान लेना पड़ा। बताया गया कि WHO ने ऐसी कोई चेतावनी जारी नहीं की है जिसमें 15 अप्रैल से पहले 50 हजार से ज्यादा मौतें होने की आशंका जताई गई हो।

इसी प्रकार इंडिया टुडे ने हाल में केंद्र का हवाला देते हुए अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया कि कुम्भ मेला, सुपर स्प्रेडर इवेंट बनता जा रहा है, उम्मीद है एसओपी को फॉलो किया जाएगा। इस न्यूज पर खुद स्वास्थ्य मंत्रालय ने संज्ञान लिया और बताया कि इंडिया टुडे के द्वारा पब्लिश की गई ये जानकारी गलत और झूठी है।

इसके बाद एक ट्वीट है जिसमें ICMR के नाम से कुछ गाइडलाइन्स जारी हैं, जिसमें नागरिकों से कहा जा रहा है कि वो अपनी दो साल की यात्रा रद्द करें, एक साल बाहर खाना न खाएँ, बेवजह शादी के फंक्शन न अंटेंड करें, भीड़भाड़ वाले इलाके से दूर रहें, आदि-आदि। इन गाइडलाइन्स को लेकर पीआईबी के फैक्ट चेक में पता चला कि इसे ICMR ने जारी नहीं किया है।

ये दावा भी बिलकुल गलत है कि कोरोना वायरस कोई बैक्टीरिया है और इसे एस्पिरिन से ठीक किया जा सकता है। सच्चाई ये है कि कोविड 19 एक वायरस है जिससे बचाव के लिए वैक्सीन आ गई है। लेकिन उसे जड़ से खत्म करने के लिए कोई दवाई नहीं है।

एक अफवाह पिछले दिनों व्हॉट्सएप के जरिए वायरल हुई। इसमें ग्रुप एडमिन्स को ग्रुप 2 दिन के लिए बंद करने के लिए कहा जा रहा था। मैसेज में दावा था कि अगर गलती से किसी ने भी कोरोना पर जोक पोस्ट किया तो सब मुश्किल में पड़ सकते हैं। इसलिए ग्रुप के एडमिन ध्यान दें।

बता दें कि कोरोना के बढ़ने के साथ लॉकडाउन को लेकर भी अफवाहें बढ़ रही हैं। एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा था जिसमें बताया जा रहा था कि दिल्ली में लॉकडाउन लगेगा। लेकिन वास्तविकता में ये वीडियो पिछले साल का है। इस वीडियो को बिन संदर्भ के शेयर किया जा रहा है।

इसी तरह एक तस्वीर एडिट करके ये भी कहा जा रहा है कि भारत सरकार 9 से 19 अप्रैल के लिए लॉकडाउन लगाने वाली हैं, लेकिन सच ये है कि प्रशासन ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। कल पीएम मोदी बैठक में भी कह चुके हैं कि अभी लॉकडाउन की जरूरत नहीं है।

इन सबके अलावा, कोविड दौर में अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं पर भी झूठी खबरें चलाई जा रही हैं। खबरों में दावा किया गया कि पेंशनरों द्वारा पैनल के निजी अस्पतालों में कोविड टीकाकरण कराने पर बिल की प्रतिपूर्ति सीजीएचएस द्वारा की जाएगी। इस दावे को पीआईबी ने फर्जी करार दिया और कहा निजी अस्पतालों में कोविड टीकाकरण कराने पर सीजीएचएस द्वारा बिल की प्रतिपूर्ति नहीं की जाएगी।

एक ऑडियो शेयर हो रहा है जिसमें लोगों को डराने के लिए कहा जा रहा है कि सरकारी अस्पताल में बाँटें जा रहे मुफ्त मास्क से लोग बेहोश हो रहे हैं और उन्हें कोविड वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है, जबकि पीआईबी ने कहा है कि ये क्लेम निराधार है और ऐसे मैसेजों को आगे बढ़ाने से पहले उसके तथ्यों को जाँच लें।



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