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Thursday, April 15, 2021

…स्कर्ट वाली का रेप हो जाता: कंपनी ने Pak कर्मचारी को निकाला, कोर्ट ने कहा – ‘मूर्ख है, बर्खास्त मत करो, रख लो’

पाकिस्तान स्कर्ट लड़की रेप

--- …स्कर्ट वाली का रेप हो जाता: कंपनी ने Pak कर्मचारी को निकाला, कोर्ट ने कहा – ‘मूर्ख है, बर्खास्त मत करो, रख लो’ लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

ब्रिटेन के लंकाशायर में स्काई कंपनी के 44 वर्षीय एक पाकिस्तानी कर्मचारी ने अपनी महिला सहकर्मी को बताया कि अगर यह पाकिस्तान होता तो स्कर्ट पहनने वाली लड़कियों का बलात्कार हो जाता। यह घटना जून 2019 की है, जब लंकाशायर के एक शॉपिंग मॉल से शॉपिंग के बाद दो किशोर लड़कियाँ स्कर्ट पहन कर वहाँ से गुजर रही थीं। उसी दौरान राजा मिन्हास नाम के रिटेल सलाहकार ने किशोरियों पर यह टिप्पणी की।

इस दौरान वह अपनी सहकर्मी क्लेमेट्टी से स्काई कंपनी के प्रोडक्ट को लेकर बातचीत कर रहा था। मिन्हास ने क्लेमेट्टी से ये भी कहा, “सामान्य तौर पर जो लड़कियाँ छोटे स्कर्ट पहनती हैं, उसी के कारण उनका रेप होता है और उसके लिए वही जिम्मेदार होती हैं।”

दोनों के बीच करीब 10-15 मिनट तक गर्मागर्म बहस चली। यह बात कंपनी के बॉस तक पहुँची तो पाकिस्तानी युवक मिन्हास को सामान्य व्यवहार के नियमों का उल्लंघन करने के मामले में उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।

मूल रूप से पाकिस्तान के रहने वाले मिन्हास ने पुलिस को बताया, “मैंने दो लड़कियों को जाते हुए पीछे से देखा था, दोनों लड़कियों को गलत तरीके से कपड़े पहनाए गए थे। आप उनके शरीर की बनावट को उन कपड़ों में देख सकते थे। यदि यह पाकिस्तान होता तो लोग देख रहे होते और यह बलात्कार के लिए एक खुले निमंत्रण की तरह होता।”

मामला कोर्ट में पहुँचा तो रोजगार न्यायाधिकरण के न्यायाधीश रॉबिन्सन ने आरोपित की बर्खास्तगी को अनुचित बताते हुए उसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मिन्हास ने क्लेमेट्टी के साथ चर्चा के दौरान सामान्य रूप से लोगों की पोशाक पर मूर्खतापूर्ण टिप्पणी की थी।

कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि दोनों कर्मचारी एक-दूसरे से बात कर रहे थे। क्लेमेट्टी ने खुद से कोई शिकायत नहीं की थी और न ही कोर्ट को कोई सबूत दिया। जब मामला सामने आया तो उसे विश्वास ही नहीं हुआ कि ये इतना आगे जाएगा। आरोपित को कोर्ट ने दुराचार का दोषी ठहराया है, क्योंकि उससे बातचीत के दौरान क्लेमेट्टी को लगता था कि वो उसके सामने किस तरह के कपड़े पहनकर आए।

कोर्ट का कहना था, “मिन्हास ने कभी भी बलात्कार की घटनाओं की आलोचना नहीं की। यह उसका अपना विचार था कि एक खास तरह का पहनावा पुरुषों के व्यवहार को प्रभावित कर सकता है।”

क्लेमेट्टी ने इस मामले में कहा, “लड़कियों को वही पहनना चाहिए जो उन्हें अच्छा लगे। किसी को भी इस आधार पर बलात्कार के बारे में बात नहीं करनी चाहिए कि कोई क्या पहनता है।”



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