TRP स्कैम में सचिन वाजे ने BARC से लिए थे ₹30 लाख, डमी कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे पैसे: रिपोर्ट - News Times Indians

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Saturday, April 10, 2021

TRP स्कैम में सचिन वाजे ने BARC से लिए थे ₹30 लाख, डमी कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे पैसे: रिपोर्ट

सचिन वाजे, टीआरपी

--- TRP स्कैम में सचिन वाजे ने BARC से लिए थे ₹30 लाख, डमी कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे पैसे: रिपोर्ट लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

मुंबई की तलोजा जेल पहुँच चुके मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की 27 दिनों की कड़ी पूछताछ में यह सामने आया है कि एंटीलिया के बाहर विस्फोटक रखने के बाद वाजे कुछ और बड़ा करने वाला था। इसकी डिटेल NIA की टीम जल्द सार्वजनिक कर सकती है।

इस बीच टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स (TRP) स्कैम में भी उसकी भूमिका सामने आई है। इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सचिन वाजे का लिंक पाया है। अधिकारियों ने पाया कि ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) ने अपने अधिकारियों को परेशान न करने के एवज में वाजे को मुंबई क्राइम ब्रांच के एक इंस्पेक्टर के माध्यम से 30 लाख रुपए दिए थे।

बताया जा रहा है कि BARC के अधिकारियों ने वाजे को रिश्वत देने के बारे में बयान भी दिया है, जिसमें बताया गया है कि पैसा एक डमी कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर किया गया। BARC द्वारा डमी कंपनी में भुगतान करने के बाद इसे चार और शेल कंपनियों के माध्यम से लेयर्ड किया गया। फ़िर इसे हवाला ऑपरेटर के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद इस राशि को BARC को नकद में लौटाया गया, जिसे बाद में वाजे के सहयोगी इंस्पेक्टर सौंप दिया गया।

बता दें कि पिछले साल 4 नवंबर 2020 को अर्नब गोस्वामी को बिना समन जारी किए घर से जबरदस्ती उठाया गया था। उन्हें अलीबाग के क्वारंटाइन सेंटर ले जाया गया और फिर तलोजा जेल शिफ्ट कर दिया गया। गोस्वामी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को लीड सचिन वाजे ने किया था, जो अब खुद एंटीलिया केस में तलोजा जेल में बंद है।

पिछले दिनों मुंबई के एक बिल्डर ने सचिन वाजे के खिलाफ रंगदारी का मामला दर्ज कराया था। उसने वाजे और उसके साथियों पर डरा-धमका कर रुपए वसूलने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इस संबंध में मुंबई पुलिस कमिश्नर और महाराष्ट्र के DGP को भी शिकायत पत्र भेजा था।

बिल्डर ने बताया कि उससे विभिन्न लोगों को लाखों रुपए देने को कहा गया और ऐसा न करने पर विभिन्न मामलों में फँसा कर जेल भेजने की धमकी दी गई। बिल्डर ने बताया कि वो ‘क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU)’ में सचिन वाजे से व्यक्तिगत रूप से मिलने भी गया था। लेकिन उसे नहीं मिलने दिया गया। उससे 5 लाख रुपए की डिमांड की गई। पैसा नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी दी गई।



from ऑपइंडिया https://ift.tt/322gb6z

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages