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Friday, June 4, 2021

34 ट्विटर अकाउंट, सालाना खर्च ₹2 करोड़: निशाने पर BMC, बिना टेंडर के ही निजी कंपनी को ​दे दिया था कॉन्ट्रैक्ट

बीएमसी, ट्विटर अकाउंट

--- 34 ट्विटर अकाउंट, सालाना खर्च ₹2 करोड़: निशाने पर BMC, बिना टेंडर के ही निजी कंपनी को ​दे दिया था कॉन्ट्रैक्ट लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के संचालन के लिए सालाना 2 करोड़ रुपए खर्च करने के निर्णय की जमकर आलोचना हो रही है। इन सोशल मीडिया अकाउंट्स में BMC के मुख्य ट्विटर अकाउंट @mybmc समेत कुल 34 ट्विटर अकाउंट शामिल हैं। इनमें से अधिकतर वैरिफाइड भी नहीं हैं।

इससे पहले उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैन्डल करने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा लगभग 6 करोड़ रुपए खर्च करने का फैसला किया गया था। आलोचना होने के बाद इस निर्णय को वापस ले लिया गया था। अब महाराष्ट्र की विभिन्न पार्टियों के नेता BMC द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट्स के संचालन के लिए सालाना 2 करोड़ खर्च करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की माँग कर रहे हैं।

फोटो सोर्स : टाइम्स ऑफ इंडिया

बिना टेंडर के दे दी जिम्मेदारी

BMC ने 2019 में बिना टेंडर जारी किए S2 इंटरनेशनल लिमिटेड को अपने ट्विटर अकाउंट्स के संचालन के लिए 5.8 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट दे दिया था। यह कॉन्ट्रैक्ट जुलाई 2022 तक के लिए दिया गया था। इनमें BMC के मुख्य ट्विटर अकाउंट @mybmc समेत 34 ट्विटर अकाउंट हैं। इन 34 ट्विटर अकाउंट में 24 वार्डों और अन्य विभागों के अकाउंट भी शामिल हैं। हालाँकि 12 फरवरी को एक रिपोर्ट आई थी कि इन 34 एकाउंट्स में 12 तकनीकी कारणों से निष्क्रिय थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक BMC प्रमुख ने कहा कि यह ट्विटर अकाउंट BMC के न्यूज सोर्स की तरह कार्य करते हैं और लोगों में जागरूकता और सूचनाओं को पहुँचाने में उपयोगी हैं। BMC प्रमुख ने यह भी बताया कि इन सोशल मीडिया अकाउंट्स के उपयोग के लिए स्टैन्डिंग कमेटी ने अप्रूवल दिया। हालाँकि इस पर प्रश्न उठाते हुए सपा विधायक रईस शेख ने कहा कि एक ओर मुंबई पुलिस का मात्र एक ट्विटर हैंडल है, जबकि BMC के 34, ऐसे में खर्च भी बढ़ता है और उलझन भी उत्पन्न होती है।

यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि 13 मई को महाराष्ट्र सरकार ने Covid-19 महामारी और उसके कारण उत्पन्न आर्थिक तंगी के बावजूद भी उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सोशल मीडिया अकाउंट्स के संचालन और उनकी छवि सुधारने के लिए 6 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया था। हालाँकि इस निर्णय की आलोचना होने के बाद अजित पवार ने खुद यह निर्णय रद्द करने का फैसला किया।



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