--- इस्लामिक बैंक के नाम पर 4,000 करोड़ का घोटाला, ED ने IMA घोटाले में कॉन्ग्रेस के पूर्व मंत्री रोशन बेग व MLA जमीर के ठिकानों पर की छापेमारी लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार (5 अगस्त 2021) को आईएमए पॉन्जी घोटाला मामले में कर्नाटक के कॉन्ग्रेस विधायक जमीर अहमद खान और पूर्व विधायक रोशन बेग के ठिकानों पर छापेमारी की। बेंगलुरू में ईडी की टीम सुबह से ही कई जगहों पर लगातार तलाशी कर रही है। अधिकारियों ने बताया है कि आईएमए घोटाले में आईएमए समूह ने अधिक रिटर्न का लालच देकर 1,00,000 से अधिक निवेशकों से करीब 4,000 करोड़ रुपए इकट्ठे किए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली से आए करीब 100 अधिकारियों की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। अभी तक शिवाजी नगर में बेग के दो आवासों और खान के चामराजपेट आवास पर तलाशी की गई है। इसके अलावा मुंबई में भी कुछ जगहों पर छापे मारे गए हैं।
दरअसल, सीबीआई ने 27 अप्रैल को आईएमए पॉन्जी घोटाला मामले में कर्नाटक के पूर्व मंत्री बेग के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया था। बेग 2014 से 2018 तक कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में शहरी विकास मंत्री थे। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आईएमए ग्रुप के तत्कालीन एमडी मोहम्मद मंसूर खान, कंपनी, बेग की कंपनी दानिश पब्लिकेशन समेत अन्य को नामजद किया था।
रोशन बेग पर आरोप है कि उन्होंने चुनावी खर्च के लिए के लिए आईएमए के फंड से कई करोड़ रुपये लिए थे। सीबीआई के आरोपपत्र के मुताबिक, आरोपी उस राशि का इस्तेमाल प्रतिदिन के खर्च और कर्मचारियों का वेतन देने के लिए किया था। इसके अलावा, पूर्व मंत्री ने अपनी पब्लिसिटी के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र में उसी पैसे से कई सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए थे। मंसूर खान ने आरोप लगाया था कि बेग ने उससे 400 करोड़ रुपए लिए थे। गौरतलब है कि रोशन बेग को इस मामले में गिरफ्तार भी किया गया था और वो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
बता दें कि आईएमए मोहम्मद मंसूर खान द्वारा संचालित एक इस्लामिक बैंक था। इसमें उसने निवेशकों को 14 से 18 फीसदी के भारी भरकम रिटर्न का लालच दिया था, जिससे बड़ी संख्या में मुस्लिमों ने इसमें निवेश भी किया। लेकिन, जब मार्च 2019 में IMA ने निवेशकों को रिटर्न देना बंद कर दिया तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में की। इसके बाद जून 2019 में कर्नाटक सरकार ने निवेशकों द्वारा दर्ज की गई 51,500 से अधिक शिकायतों की जाँच के लिए एक SIT का गठन किया था।
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