‘ऐसे ही चलता रहा तो परिणाम अच्छा नहीं होगा’: हुर्रियत पर प्रतिबंध की संभावना से भड़कीं महबूबा मुफ्ती - News Times Indians

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Wednesday, August 25, 2021

‘ऐसे ही चलता रहा तो परिणाम अच्छा नहीं होगा’: हुर्रियत पर प्रतिबंध की संभावना से भड़कीं महबूबा मुफ्ती

महबूबा मुफ्ती ने कॉन्ग्रेस की तारीफ में पढ़े कसीदे

--- ‘ऐसे ही चलता रहा तो परिणाम अच्छा नहीं होगा’: हुर्रियत पर प्रतिबंध की संभावना से भड़कीं महबूबा मुफ्ती लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दोनों धड़ों को मोदी सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए जाने की संभावना वाली खबर के बाद महबूबा मुफ्ती ने अपना आपा खो दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए एक के बाद कई बड़े आरोप लगाए। मुफ्ती ने कॉन्ग्रेस का महिमामंडन करते हुए कहा कि उसने 70 साल में जो भी बनाया था, इस सरकार ने सब बेच दिया।

टाइम्स नाऊ चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, महबूबा ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस पर मोदी सरकार द्वारा बैन लगाए जाने के प्रस्ताव को लेकर कहा, “जो पिछले 70 साल में हिन्दुस्तान की लीडरशिप मोटे तौर पर कॉन्ग्रेस ने पैदा किया था या बनाया था, उन सभी चीजों को तो इस सरकार ने बेच दिया। ये तो सड़कें, पुल, पेट्रोल पंप, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पावर प्रोजेक्ट बेच रहे हैं। तो इनसे गिला क्या करना है?”

महबूबा ने आगे कहा, “आप सभी देख ही रहे हैं कि ये (मोदी सरकार) पूरे मुल्क में क्या कर रहे हैं। कोई स्टूडेंट हो, कोई एक्टिविस्ट हो या फिर कोई पॉलिटिशियन हो, जो भी इनके खिलाफ बात करता है तो उसे जेल में डाल देते हैं। ऐसे में हुर्रियत की तो बात ही क्या करना।”

इस कश्मीर में इंदिरा का भाईचारा

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कॉन्ग्रेस में कुछ खामियाँ हो सकती हैं, लेकिन आपको इस बात से सहमत होना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर का उस भारत में विलय हुआ था, जो नेहरू का भारत था, जहाँ इंदिरा का भाईचारा था, जो गाँधी का भारत था। उन्होंने कहा, “अगर जवाहरलाल नेहरू नहीं होते और जिस सेक्युलर कल्चर को अब नष्ट किया जा रहा है, तो मुझे नहीं लगता कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा बना होता।”

पीडीपी चीफ ने आगे कहा कि मैंने बैठक में प्रधानमंत्री से कहा कि जिस तरह से आप जम्मू-कश्मीर में लाठी का इस्तेमाल कर रहे हैं, आप लोगों का अपमान कर रहे हैं। अगर आप इसी तरह चलते रहे तो इसका परिणाम अच्छा नहीं होगा।

गौरतलब है कि पाकिस्तानी संस्थानों में कश्मीरी छात्रों को एमबीबीएस में नामांकन दिलाने के मामले में फंडिंग को लेकर चार छात्रों को सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में पता चला था कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से जुड़े संगठन उम्मीदवारों से एमबीबीएस में एडमिशन के नाम पर पैसा लेकर उसका इस्तेमाल घाटी में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए करते हैं। इसी के बाद सरकार ने संगठन पर शिकंजा कसने को लेकर फैसला लिया था। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दोनों धड़ों के खिलाफ अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) की धारा 3 (1) के तहत कार्रवाई की संभावना है।



from ऑपइंडिया https://ift.tt/3je35MD

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages