‘मर्दों’ की छेड़खानी से बचने के लिए ये मादा चिड़िया पुरुषों जैसा बना लेती है भेष - News Times Indians

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Friday, August 27, 2021

‘मर्दों’ की छेड़खानी से बचने के लिए ये मादा चिड़िया पुरुषों जैसा बना लेती है भेष

गुंजन पक्षी, हमिंग बर्ड

--- ‘मर्दों’ की छेड़खानी से बचने के लिए ये मादा चिड़िया पुरुषों जैसा बना लेती है भेष लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

पृथ्वी पर मौजूद पशु-पक्षियों की भिन्न-भिन्न प्रजातियाँ और उनके स्वरूप अक्सर मानव जाति को अचंभित करते हैं। ऐसे में उनसे जुड़ी कुछ ऐसी बातें भी होती हैं जो इंसानी स्वभाव से मेल खाती हैंं। मसलन, हमिंग बर्ड (Humming Bird) (गुंजन पक्षी) से जुड़ी एक बहुत दिलचस्प स्टडी सामने आई है। इस स्टडी में बताया गया है कि कैसे मादा पक्षी, पुरुष पक्षी की छेड़खानी से बचने के लिए खुद का भेष पुरुषों जैसा धारण कर लेती है।

अमेरिकी शोधकर्ताओं ने इस स्टडी के लिए पनामा में 400 से अधिक सफेद गर्दन वाले जैकोबिन हमिंग बर्ड्स को पकड़ा और चौंकाने वाला निष्कर्ष पाया। उन्होंने देखा कि एक चौथाई मादा पक्षियों ने पुरुष पक्षियों जैसा रूप धारण किया हुआ था। उनके इंद्रधनुषी नीले सिर थे, चमकदार सफेद पूँछ थी और पेट एकदम सफेद था जबकि आमतौर पर मादा पक्षियों का रंग हल्का होता है।

शोधकर्ताओं के प्रयोग में यह पाया गया कि पुरुष पक्षियों जैसे रूप धारण ‘मादा’ पक्षियाँ इसलिए करती हैं ताकि वह ‘मर्दों’ के ‘अग्रेसिव’ बर्ताव से बच सकें। शोधकर्ताओं ने पक्षियों की जाँच में पाया कि सभी किशोर पक्षियों ने आकर्षक रंग में भेष बदला हुआ था। आमतौर पर, युवा पक्षियों का रंग अपने लिंग वाले वयस्क पक्षी जैसा ही होता है। तो जाहिर सी बात है कि मादा पक्षियाँ अपना रंग बदल सिर्फ कोई नाटक कर रही थीं।

साभार: न्यूयॉर्क टाइम्स

जर्नल करंट बायोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन के पहले लेखक, जे फाल्क हैं। जो वाशिंगटन विश्वविद्यालय में पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता हैं और साथ में जिन्होंने ऑर्निथोलॉजी और स्मिथसोनियन ट्रॉपिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के कॉर्नेल लैब के एक हिस्से के रूप में अनुसंधान का नेतृत्व किया।

वह कहते हैं, “हर मादा और पुरुष पक्षी वयस्क पुरुष पक्षियों की तरह दिखने लगते हैं। फिर जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती है, लगभग 20% मादा पक्षी वैसे भेष (पंख) को रखती हैं, और फिर 80% दबी हुई परत में बाहर निकल जाती हैं।”

माना जाता है कि साथी के साथ प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए कई प्रजाति की पक्षियों में सजावटी आकर्षित पंख विकसित होते हैं। लेकिन इस वाले मामले में मादा पक्षियाँ जब यौन रूप से परिपक्व थीं और साथी की तलाश में थीं तो अधिकांश मादाओं ने उन रंगीन पंखों को अपने ऊपर बरकरार नहीं रखा, इससे पता चला कि इस व्यवहार का कारण सेक्सुअल सिलेक्शन नहीं था।

साभार: न्यूयॉर्क टाइम्स

शोधकर्ताओं ने अपनी स्टडी से यह बताने का प्रयास किया कि रिसर्च में शामिल ज्यादातर मादा हमिंग बर्ड्स ने क्यों अपना भेष बदला। उन्होंने पाया कि इसके पीछे सेक्सुअल सिलेक्शन कारण नहीं बल्कि वह स्वभाव है जो पुरुष पक्षियों का होता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि पुरुष पक्षी उन मादा पक्षियों को ज्यादा निशाना बना रहे थे जिनका भेष नहीं बदला हुआ था। इसी व्यवहार को देखते हुए उन्होंने पाया कि मादा पक्षियों के इस नेचर का लेना देना साथियों के लिए नहीं, बल्कि भोजन के लिए प्रतिस्पर्धा या सोशल सिलेक्शन है।

रिसर्चर यह भी कहते हैं कि हम जिस तरह हमिंग बर्ड्स को देखते हैं कि वो छोटे-छोटे और प्यारे-प्यारे होते हैं और फूलों से रस निकाल कर पीते हैं, लेकिन वास्तविकता में अग्रेशन उनके जीवन का सच है। वह लोग एक दूसरे से हमेशा लड़ते रहते हैं।



from ऑपइंडिया https://ift.tt/3zpIquG

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages