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Wednesday, September 1, 2021

‘हिंदू कट्टरपंथियों ने मुस्लिमों का कब्रिस्तान तबाह कर दिया’: द प्रिंट के कॉलमनिस्ट ने झूठे दावों के साथ शेयर किया वीडियो

सीजे वेरलेमैन, फेक न्यूज

--- ‘हिंदू कट्टरपंथियों ने मुस्लिमों का कब्रिस्तान तबाह कर दिया’: द प्रिंट के कॉलमनिस्ट ने झूठे दावों के साथ शेयर किया वीडियो लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

शेखर गुप्ता के ‘द प्रिंट’ के स्तंभकार सीजे वेरलेमैन ने 1 सितंबर 2021 को ट्विटर पर बिना तारीख वाली वीडियो साझा की। साथ ही दावा किया कि हिंदुओं के एक समूह ने नाथन में मुस्लिमों के कब्रिस्तान को बर्बाद कर दिया। उन्होंने लिखा, “कट्टरपंथी हिंदुओं ने भारत के नाथन में एक मुस्लिम कब्रिस्तान को तबाह कर दिया।”

सीजे वेरलेमैन का ट्वीट

इसके बाद हिंदुओं को बदनाम करने के लिए इस्लामवादी इस वीडियो को शेयर करने लगे। बीबी साजेदा ने लिखा, “क्या ये भक्त शहरीकरण के एजेंट हैं? किस प्राधिकरण ने उन्हें यह कार्यभार दिया है?”

बीबी साजेदा की प्रतिक्रिया

ऐदारस अहमद हिरसी ने कहा, “#HinduvataTerrorist militias ने नाथन #India में एक #मुस्लिम कब्रिस्तान को नष्ट कर दिया।”

ऐदारस अहमद सिरसी का ट्वीट

इसी ट्वीट पर अब्दुल हमीद लोन ने कहा, “हिन्दू कट्टरपंथियों ने भारत के नाथन में एक मुस्लिम कब्रिस्तान को अपवित्र और नष्ट कर दिया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह एक बड़ा प्रश्नचिह्न है कि भारत दक्षिण एशियाई उपमहाद्वीप में किस ओर जा रहा है और आप सभी चुप हैं।”

अब्दुल हमीद लोन द्वारा किया गया ट्वीट

टीपू सुल्तान पार्टी से जुड़े प्रतीत होने वाले कमाल खान ने लिखा, “हिन्दू कट्टरपंथियों ने भारत के नाथन में एक मुस्लिम कब्रिस्तान को अपवित्र करने के बाद उसे बर्बाद कर दिया।”

कमाल खान का ट्वीट

न्यूज एजेंसी मुस्लिम मिरर ने लिखा, “हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के नग्गर तहसील के नाथन गाँव में पुलिस की मौजूदगी में हिन्दू कट्टरपंथियों ने एक मुस्लिम कब्रिस्तान को बर्बाद कर दिया।”

मुस्लिम मिरर के द्वारा किया गया ट्वीट

द प्रिंट पत्रकार का झूठा दावा

सीजे वेरलेमन ने जो भी दावे किए थे, सभी तथ्य रहित और झूठे निकले। पहली बात ये कि ये घटना नाथन की है ही नहीं, जैसा कि उन्होंने दावा किया है। इस मामले में जानकारी के लिए ऑपइंडिया ने कुल्लू पुलिस से संपर्क किया जिसके अंतर्गत आने वाली नग्गर तहसील में नाथन गाँव स्थित है। कुल्लू पुलिस के एसएचओ अशोक शर्मा ने ऐसी किसी भी घटना से साफ तौर पर इनकार करते हुए कहा कि वो वीडियो कुल्लू जिले का नहीं है और इलाके में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

वीडियो हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के मुख्यालय नाहन का है और इसमें ‘हिन्दू कट्टरपंथियों’ द्वारा नष्ट किए गए मुस्लिम कब्रिस्तान को नहीं दिखाया गया है, जैसा कि वेरलेमैन ने दावा किया है। दरअसल, वीडियो में प्रशासन के सहयोग से कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं को एक अवैध मजार को गिराते हुए दिखाया गया है। अगर आप वीडियो को गहनता से देखेंगे तो मौके पर कुछ पुलिसकर्मियों को भी देखा जा सकता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह बर्बरता नहीं, बल्कि प्रशासन के सहयोग से किया गया था।

हिमाचल प्रदेश में हिंदू जागरण मंच के महासचिव कमल गौतम ने भी कल ही इसी वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया था। उन्होंने बताया था कि हिंदू जागरण मंच की सिरमौर इकाई ने “इस्लामिक जिहादियों द्वारा नाहन में भूमि जिहाद एजेंडे के तहत निर्मित एक अवैध मजार को उखाड़ फेंका था।” उन्होंने आगे कहा, “जिहादी मेडिकल कॉलेज नाहन के पास भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे।”

पंजाब केसरी की एक रिपोर्ट में इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा गया है कि नगर निगम बोर्ड ने एचजेएम सदस्यों के सहयोग से अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया। रिपोर्ट में बताया गया है कि नाहन में डॉ. वाई एस परमार मेडिकल कॉलेज के पास कुछ अज्ञात लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था। इस मामले में संस्था ने नगरीय निकाय को जानकारी दी थी, जिसके बाद अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया गया।

एचजेएम के प्रदेश सचिव मनब शर्मा का कहना है कि रात में ही कुछ लोगों ने मजार बनाने के लिए निर्माण सामग्री इकट्ठी की थी। हालाँकि, प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध निर्माण को हटा दिया गया।

इसलिए, वीडियो में प्रशासन और पुलिस के पूर्ण सहयोग से हिंदू जागरण मंच द्वारा एक अवैध मजार को ध्वस्त करते हुए दिखाया गया है। ऐसे में द प्रिंट के पत्रकार का ‘हिंदुत्व कट्टरपंथियों’ द्वारा नष्ट किया गया मुस्लिम कब्रिस्तान का दावा पूरी तरह से झूठा है।

पहले भी फैलाया था झूठ

इस्लामिक विचारधारा से प्रभावित सीजे वेरलेमैन ने इससे पहले भी भारत में इस्लामोफोबिया होने का दावा करने के चक्कर एक फेक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। कई मौकों पर उन्होंने भारत सरकार पर मुस्लिमों के दमन के झूठे आरोप लगाए हैं। अगस्त 2018 में वेरलेमैन ने ट्विटर पर फेक दावा किया था कि भाजपा ने ईद के दौरान पशुओं के वध पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने एक वीडियो में यह भी दावा किया था कि पुलिस अधिकारी एक इमाम को अपने-अपने फॉलोवर्स के लिए ‘कुर्बानी को दंडनीय अपराध’ घोषित करने के लिए मजबूर कर रहा था। वर्ष 2018 में ही 25 मार्च को वेरलेमैन ने औरंगाबाद में ‘हिंदू कट्टरपंथियों’ द्वारा 25 मुस्लिम स्वामित्व वाले व्यवसायों और संपत्तियों को नष्ट करने का दावा करते हुए एक वीडियो शेयर किया था।

वेरलेमैन के सोशल मीडिया पोस्टों से ऐसा प्रतीत होता है कि वो उत्तर प्रदेश से खास तौर पर नफरत करते हैं। संभवत: इसका कारण एक भगवाधारी महंत का राज्य का मुख्यमंत्री होन है। उन्होंने कई ट्वीट्स में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘हिन्दू आतंकवादी’ बताया था।

साल 2018 में वेरलेमैन ने मुस्लिमों को टार्गेट करने के लिए यूपी पुलिस पर हिंदू चरमपंथियों के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद कासगंज पुलिस को उनके आरोपों का खंडन करना पड़ा था। एक बार वेरलेमैन ने महाराष्ट्र में भीमा-कोरेगाँव झड़पों के दौरान हुई हिंसा का एक वीडियो पोस्ट कर दावा किया था कि मुस्लिमों की संपत्ति को हिंदू नष्ट कर रहे हैं।



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