--- ‘पूरी दुनिया में अल्लाह की निजामियत कायम करनी है’: IAS इफ्तिखारुद्दीन पर धर्मांतरण को बढ़ावा देने के आरोप, 3 वीडियो वायरल लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---
उत्तर प्रदेश स्थित कानपुर के वरिष्ठ IAS इफ्तिखारुद्दीन के 3 वीडियोज वायरल हुए हैं, जिसमें वो कथित रूप से मंडलायुक्त पद पर तैनाती के दौरान सरकारी आवास में मुस्लिम कट्टरपंथियों को बुलाकर धर्म-परिवर्तन को बढ़ावा देने वाले पाठ पढ़ा रहे हैं। उन पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस्लामी कट्टरता को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं। ‘मठ मंदिर समन्वय समिति’ ने इस बाबत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है।
कानपुर नगर के पुलिस कमिश्नर ने इस सम्बन्ध में बयान जारी कर कहा, “कानपुर आयुक्त आवास में लिए गए मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के एक वायरल हुए वीडियो की जाँच कानपुर पुलिस के ADCP East को दी गई है। जाँच की जा रही है कि क्या वीडियो सही है और क्या इसमें कोई अपराध हुआ है।” हालाँकि, कई लोगों का पुलिस से ये भी पूछना है कि जाँच की रिपोर्ट कब तक आएगी और कार्रवाई की समयसीमा क्या होगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मठ मंदिर समन्वय समिति ने सीएम योगी @myogiadityanath से की शिकायत pic.twitter.com/kP7ng5GVKF
— UttarPradesh.ORG News (@WeUttarPradesh) September 27, 2021
कानपुर के वरिष्ठ कर्मचारी नेता भूपेश अवस्थी ने भी इस सम्बन्ध में सीएम योगी से शिकायत की है। उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी जाँच का आश्वासन दिया है। वीडियो किसी अच्छे घर का है, जो देखने में सरकारी आवास जैसा लग रहा है। इसमें एक वक्त कुर्सी पर बैठ कर जमीन पर बैठे कुछ मुस्लिमों को सम्बोधित कर रहा है, जिसे IAS इफ्तिखारुद्दीन बताया जा रहा है। भूपेश अवस्थी ने वीडियो को आपत्तिजनक बताते हुए कहा है कि इसमें धर्मांतरण की बातें हैं।
‘UttarPradesh.ORG News’ के अनुसार, ये भी आरोप लगा है कि जब ये कानपुर में थे तो रमज़ान में इनके दफ्तर या घर में कोई कर्मचारी कुछ खा-पी नहीं सकता था। धर्म-परिवर्तन और इस्लाम की आड़ में लोगों को भड़काने का आरोप भी लगा है। ‘सुदर्शन न्यूज़’ ने इसे ‘UPSC जिहाद’ करार दिया है और कहा है कि इस मुद्दे पर वीडियो बनाने से अदालत ने उसे रोक दिया था और ‘खान मार्किट गैंग’ भी इसके खिलाफ हो गया था।
वीडियो में एक अन्य मौलाना कहता है, “पूरे दुनिया के इंसानों को बताओ इस्लाम को आगे बढ़ाओ। अभी पिछले दिनों पंजाब के एक भाई ने इस्लाम कबूल किया तो मैंने उन्हें दावत नहीं दी थी। मैंने कहा कि इस्लाम कबूल करने की वजह क्या थी, तो उन्होंने कहा कि मेरी बहन की मौत। जब उसे जलाया तो वो कपड़े जल गए और वो निर्वस्त्र हो गई। फिर मुझे लगा मेरी बेटी भी है। कल को उसे भी लोग ऐसे ही देखेंगे। इसीलिए, मुझे इस्लाम से अच्छा कोई मजहब नहीं लगा और मैंने कबूल कर लिया।”
कानपुर आयुक्त आवास में लिए गए #IAS मो. इफ्तिखारुद्दीन के एक वायरल हुए वीडियो की जांच @kanpurnagarpol के ADCP East को दी गई है, जांच की जा रही है कि क्या वीडियो सही है और क्या इसमें कोई अपराध हुआ है। @Uppolice
— POLICE COMMISSIONERATE KANPUR NAGAR (@kanpurnagarpol) September 27, 2021
इसमें वो पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी की पुस्तक का भी जिक्र करता है। वो कहता है, “अल्लाह ने हमें उत्तर प्रदेश के रूप में एक ऐसा सेंटर दिया है, जहाँ से हम पूरे देश-दुनिया में काम कर सकते हैं। ऐलान करो दुनिया के इंसानों से कि अल्लाह की बादशाहत और निजामियत पूरी दुनिया में कायम करनी है। हर घर में अल्लाह का दीन दाखिल होना है, करना चाहिए।” इस वीडियो में वो इस्लाम कबूल करने के फायदे भी गिना रहा है।
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