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Saturday, August 1, 2020

महाराष्ट्र: 2 महीने से नहीं मिली थी सैलरी, सरकारी कर्मचारी ने की आत्महत्या

महाराष्ट्र, आत्महत्या

--- महाराष्ट्र: 2 महीने से नहीं मिली थी सैलरी, सरकारी कर्मचारी ने की आत्महत्या लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का विस्फोट जारी है। इसका असर अब लोगों पर भी पड़ने लगा है। महामारी के चलते सैलरी नहीं मिलने की वजह से बड़ी संख्या में लोग डिप्रेशन से ग्रस्त हो रहे हैं। राज्य परिवहन निगम के एक कर्मचारी ने पिछले दो महीनों की सैलरी नहीं मिलने के कारण आत्महत्या कर ली है।

इस्लामपुर पुलिस के अनुसार, अमोल माली एसटी के इस्लामपुर डिपो के मैकेनिक विभाग में काम कर रहा था। कोरोनोवायरस संक्रमण के कारण लगाए गए लॉकडाउन में एसटी यातायात कुछ हद तक बंद है। इस दौरान एसटी कर्मचारियों को उनका उचित वेतन नहीं मिला। वहीं काम के अनुसार वेतन नहीं मिलने के कारण अमोल काफी दिनों से परेशान था।

रिपोर्ट के अनुसार, 35 वर्षीय अमोल ढोंडीराम माली ने गुरुवार (30 जुलाई, 2020) की देर रात फाँसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी। वह सांगली जिले के इस्लामपुर डिपो में काम करता था। पिछले 2 महीने से वेतन न मिलने के कारण वह काफी तनाव में था।

अमोल दिन-रात सिर्फ इसी चिंता में डूबा रहता था कि कैसे इस लॉकडाउन में अपने परिवार का पालन-पोषण करेगा। वह पिछले 2 महीने से मजदूरों की तरह काम कर रहा था। लेकिन सैलरी नहीं मिलने की वजह से वह दिनभर परेशान रहता था। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अपनी माँ, पत्नी, पाँच साल का बेटा और तीन साल की बेटी का भरण-पोषण न कर पाने की वजह से हताश हो चुका था। इसी कारण आखिरकार उसने आत्महत्या कर ली।

इससे पहले यह खबर आई थी कि न केवल महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारी, डॉक्टरों और नर्सों का वेतन भी महाविकास अघाड़ी सरकार द्वारा काफी देर से दिया गया था। इस वजह से कई डॉक्टर और नर्स वापस अपने घर केरल चले गए थे। उन्होंने यह आरोप लगाया था कि बीएमसी द्वारा लगातार उनकी सैलरी समय पर नहीं दी जा रही।

गौरतलब है कि, कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन की वजह से राज्य को आर्थिक रूप से काफी नुकसान हुआ है। इस वक्त राज्य के एक बड़े वर्ग को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। लेकिन इसी दौर में जहाँ एक तरफ महाराष्ट्र सरकार अपने कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पा रही है और स्वास्थ्य देखभाल संसाधनों के लिए अन्य राज्यों से अनुरोध कर रही है, वहीं ऐसे गंभीर हालातों में राज्य सरकार ने हाल ही में अपने मंत्रियों के लिए 6 नए लक्जरी वाहनों की खरीद की इजाजत दी थी।

उल्लेखनीय है कि उद्धव ठाकरे सरकार ने यह मँजूरी ऐसे समय में दी है, जब राज्य कोरोना वायरस महामारी के चलते हुए लॉकडाउन की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

राज्य सरकार ने लोअर परेल मुंबई, मधुबन मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड से 22,83,086 रुपए की इनोवा क्रिस्टा 2.4 ZX (7 सीट) की खरीद के लिए अपनी मँजूरी दी थी। यह बात ध्यान देने लायक है की सरकार ने खरीद की सीमा 20 लाख रुपए रखी थी,। जो इस माड़ में निर्धारित राशि से ज्यादा थी। इसके बाद नई गाड़ी के लिए वित्त विभाग की राज्य स्तरीय वाहन समीक्षा समिति और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विशेष रूप से इसकी मँजूरी दी थी।



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