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Monday, September 27, 2021

‘एंबेसी से उठाओ, गाड़ी में डालो और ले आओ’: जूलियन असांज को पकड़ने और मारने का CIA ने बनाया था प्लान, रिपोर्ट से खुलासा

जूलियन असांजे

--- ‘एंबेसी से उठाओ, गाड़ी में डालो और ले आओ’: जूलियन असांज को पकड़ने और मारने का CIA ने बनाया था प्लान, रिपोर्ट से खुलासा लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

साल 2017 में अमेरिका की सेंट्रल एजेंसी ने विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के अपहरण और हत्या करने पर विचार किया था। इस पूरे ऑपरेशन की वैधता पर ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों से बात भी हुई थी। इस दौरान उन संभावनाओं के बारे में अनुरोध किया गया था जिससे असांजे की हत्या हो सके। ये पूरी चर्चा साफतौर पर विकीलीक्स के खिलाफ़ रची गई साजिश थी। इसका मकसद जासूसी करना, सहयोगियों के बीच झगड़ा कराना और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की चोरी करना शामिल था।

याहू में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, असांजे के ख़िलाफ़ छेड़ी गई CIA की लड़ाई वॉल्ट 7 के प्रकाशन से शुरू हुई थी जिसमें सीआईए के हैकिंग टूल्स से संबंधी जानकारी एक्सपोज की गई थी। इसे सीआईए के इतिहास में उनका सबसे बड़ा डेटा नुकसान कहा गया था।

माइक पॉम्पियो जो उस समय सेंट्रल एजेंसी के निदेशक थे और उनके साथ कुछ अन्य साथी बिलकुल वास्तविकता बताने से बच रहे थे क्योंकि वॉल्ट-7 के कारण उनमें शर्मिंदगी थी। ट्रंप प्रशासन में रहे एक राष्ट्रीय सुरक्षाधिकारी का कहना है कि, उन्हें बस खून दिख रहा था।

एक अन्य खुफिया अधिकारी कहते हैं कि वॉल्ट 7 के कारण ही ये कोशिश तेज हुई थी कि कैसे विकीलीक्स को विरोधी अभिनेता के तौर पर दिखा सकें। कंपनी को निशाने पर लिए जाने के बाद उसके कई कर्मियों की बातचीत और मूवमेंट मॉनिटर की गई जबकि असांजे की ऑडियो विजुअल सब पर निगरानी थी। ये सब उस दौरान हुआ जब वो इक्वाडोर के वाणिज्य दूतावास में थे।

ट्रंप के समय के अधिकारी बताते हैं कि उस समय गंभीर खुफिया निगरानी संबंधी चिंताएँ उठ रही थी। अमेरिका का यह भी मानना था कि रूसी एजेंट जूलियन असांजे को यूनाइटेड किंगडम से बाहर मास्को ले जाने की योजना बना रहे थे। नतीजतन, अमेरिका के लिए, उनका काम ऐसा होने से रोकना था।

पूर्व अधिकारी कहते हैं, “ये सब हास्य से भी परे था। ऐसा भी समय आया कि जहाँ तीन ब्लॉक के दायरे में हर इंसान खुफिया सेवाओं में से एक के लिए काम कर रहा था। चाहे वे सड़क पर सफाई करने वाले हों या पुलिस अधिकारी या सुरक्षा गार्ड हों।” ट्रंप व्हाइट हाउस में ये चिंता थी विकीलीक्स के खिलाफ ये ऑपरेशन उन्हें समाचार संगठनों के निशाने पर न ला दे। रिपोर्ट के अनुसार माइक पॉम्पियों की दुश्मनी विकीलीक्स के साथ किसी से छिपी नहीं है।

अप्रैल 2017 में, सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) में एक संबोधन में, पॉम्पिओ ने कहा, “विकीलीक्स एक शत्रुतापूर्ण खुफिया सेवा की तरह चलता है और एक शत्रुतापूर्ण खुफिया सेवा की तरह बात करता है और अपने फॉलोवर्स को CIA में नौकरी खोजने के लिए प्रोत्साहित करता है ताकि खुफिया जानकारी प्राप्त हो सके।”

उन्होंने कहा था, “ये समय है कि विकीलीक्स को वही कह कर बुलाया जाए जो कि वो है: एक गैर राज्य शत्रुतापूर्ण खुफिया सेवा। जिन्हें रूसी द्वारा उखसाया जाता है।” अब वैसे इस बात के कोई सबूत नहीं है विकीलीक्स को रूसी का समर्थन था या नहीं। इसलिए पॉम्पियों के आरोप विवादस्पद प्रतीत होते हैं क्योंकि ट्रंप के विरोधी अक्सर ये दावा करते रहे हैं कि उन्होंने रूसी हस्तक्षेप के कारण 2016 का चुनाव जीता था।

पॉम्पियों ने अधिकारियों से कहा था, “कुछ भी सीमा के बाहर नहीं है। खुद को सेंसर न करें। मुझे आप से ऑपरेशनल आइडिया की जरूरत है। मैं वाशिंगटन में वकीलों की चिंता करूँगा।” उन्होंने और अन्य लोगों ने जूलियन असांजे का अपहरण करने और उन्हें वास्तव में अमेरिका लाने का प्रस्ताव भी रखा। ये प्रस्ताव फिल्मी अंदाज वाला था। उनका मकसद था कि असांजे को एम्बेसी में पकड़ें, उसे निकालें और फिर जहाँ मन हो वहाँ ले जाएँ।

वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि इस पूरी साजिश को कुछ लोगों ने हास्यास्पद कहा था। साथ ही ये कहा गया था कि ये पाकिस्तान या मिस्र नहीं है। यहाँ बात लंदन की हो रही है। अधिकारी याद करते हुए बताते हैं कि इस बाबत कुछ ब्रिटिशरों से भी बात हुई थी। लेकिन उन्होंने कहा था कि हमारे राज्य में ये सब बिलकुल नहीं चलेगा। आप किसी को कार में भरकर अपहरण नहीं कर सकते। इस दौरान ये भी चर्चा थी कि असांजे को मारना लीगल होगा या नहीं। एक आदमी ने कहा कि असांजे को जहर दिया जा सकता है। 

पूरे मामले में ये पुष्टि नहीं हुई है कि डोनाल्ड ट्रंप इस विषय में कितना जानते थे। लेकिन ये मानना थोड़ा अजीब है कि बिन राष्ट्रपति की परमिशन या जानकारी के ऐसा ऑपरेशन अंजाम दिया जा सके। उन्होंने असांजे की हत्या पर विचार करने से इंकार किया था। उनका तो कहना था कि ये बातें गलत हैं। 

रिपोर्ट बताती है कि यूएस अधिकारियों के निशाने पर ग्लेन ग्लीनवॉल्ड और लौरा पोटरस भी थे जिन्होंने एडवर्ड स्नोडेन की मदद की थी और अमेरिकन सर्विलांस स्टेट को इन्फॉर्मेशन ब्रोकर के तौर पर एक्सपोज किया था ताकि उनके विरुद्ध और जाँच उपकरण इस्तेमाल हों।

असांजे का वकील कहता है कि, “एक अमेरिकी नागरिक के रूप में, मुझे यह बिल्कुल अपमानजनक लगता है कि हमारी सरकार बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया के किसी का अपहरण या हत्या करने पर विचार कर रही होगी, क्योंकि उसने सच्ची जानकारी प्रकाशित की थी।”

बता दें कि अमेरिकी युद्ध अपराधों और उनके गुप्त रहस्यों को उजागर करने के लिए असांजे वर्तमान में ब्रिटेन की सबसे कठोर जेलों में से एक में कारावास में है। वह 2019 से जेल में बंद है और एक ब्रिटिश न्यायाधीश ने पहले उसके प्रत्यर्पण के लिए अमेरिकी अनुरोधों को ब्लॉक कर दिया है।



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