दिल्ली के जामिया नगर में मंदिर की जमीन पर कब्जे की कोशिश, रातोंरात तोड़ दी धर्मशाला: HC ने सुरक्षा के दिए निर्देश - News Times Indians

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Monday, September 27, 2021

दिल्ली के जामिया नगर में मंदिर की जमीन पर कब्जे की कोशिश, रातोंरात तोड़ दी धर्मशाला: HC ने सुरक्षा के दिए निर्देश

जामिया नगर मंदिर कब्जा

--- दिल्ली के जामिया नगर में मंदिर की जमीन पर कब्जे की कोशिश, रातोंरात तोड़ दी धर्मशाला: HC ने सुरक्षा के दिए निर्देश लेख आप ऑपइंडिया वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं ---

राजधानी दिल्ली के मुस्लिम बहुल जामिया नगर के नूर नगर इलाके में स्थित मंदिर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। मामले में हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए दिल्‍ली हाई कोर्ट के जज संजीव सचदेवा की पीठ ने कहा कि ले-आउट प्लान के हिसाब से उक्त स्थान पर मंदिर है और इस पर अतिक्रमण करने की अनुमति नहीं है। 

इसके बाद दिल्‍ली हाई कोर्ट ने मंदिर की सुरक्षा के निर्देश दिए। हाई कोर्ट ने दिल्‍ली पुलिस और नगर निगम से कहा कि मंदिर की तय लेआउट प्‍लान के हिसाब से सुरक्षा की जाए। हाईकोर्ट ने यह आदेश शुक्रवार (सितंबर 24, 2021) को दिया। 

हाई कोर्ट द्वारा दिया गया आदेश (साभार: Livelaw)

इसके अलावा दिल्‍ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार, पुलिस कमिश्नर, साउथ एमसीडी और जामिया नगर के थाना प्रभारी को आदेश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि भविष्य में मंदिर परिसर में कोई अवैध अतिक्रमण नहीं होगा। वहीं, कानून-व्यवस्था की भी कोई समस्या नहीं होगी। दिल्‍ली पुलिस और साउथ एमसीडी ने कोर्ट को मंदिर पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होने देने का भरोसा दिलाया है।

हाई कोर्ट द्वारा दिया गया आदेश (साभार: Livelaw)

बता दें कि यह याचिका जामिया नगर 206 वार्ड कमिटी की तरफ से दी गई थी। 206 वार्ड कमेटी जामिया नगर की वकील नितिन सलूजा की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि मंदिर के पास स्थित धर्मशाला का एक हिस्‍सा बदमाशों ने हाल ही में रातों-रात गिरा दिया। इलाके के इकलौते मंदिर पर अतिक्रमण हो रहा है और उसे ढहाया जा रहा है। मंदिर की धर्मशाला को रातों-रात गिरा कर जमीन को लेवल कर दिया गया, ताकि इस पर कब्जा किया जा सके। 

सुनवाई के दौरान नितिन सलूजा ने मंदिर के अलावा धर्मशाला को तोड़ने से जुड़ी तस्वीरें भी पेश की। वहीं, दिल्ली सरकार के शहरी विकास की वेबसाइट पर उपलब्ध ले-आउट प्लान का भी हवाला दिया गया, जिसमें नूर नगर एक्सटेंशन जामिया नगर में उक्त स्थान पर मंदिर है। 

नूर नगर की वार्ड कमेटी के याचिकाकर्ताओं ने अदालत के समक्ष अपनी याचिका में कहा था कि मंदिर की स्थापना 1970 में हुई थी और इसे डीडीए लेआउट योजनाओं में चिह्नित किया गया है। याचिका में कहा गया, “वर्ष 1970 में मंदिर की स्थापना के बाद से पूजा और कीर्तन होते रहे हैं। मंदिर में पूजा और अन्य धार्मिक उद्देश्यों के लिए लगभग 8-10 मूर्तियाँ थीं, जिन्हें अब बदमाशों ने हटा दिया है।” बता दें कि यह मुस्लिम बहुल क्षेत्र है और इस इलाके में सिर्फ 40 से 50 हिंदू परिवार ही अब रहते हैं। बताया जा रहा है कि मंदिर हटा कर यहाँ पर कॉम्पलेक्स बनाने की योजना है।



from ऑपइंडिया https://ift.tt/2ZEqBLL

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages